एक बार एक व्यापारी, राजा के महल में 2 बड़ी ही खूबसूरत बकरियों को लेकर आया। दोनों ही बकरियां दिखने में बिल्कुल एक जैसी थीं। व्यापारी राजा से बोला, ‘‘महाराज, इनमें एक मां है और एक बेटी, पर मुझे यह नहीं पता कि मां कौन है और बेटी कौन है क्योंकि दोनों में लेशमात्र भी अंतर नहीं है। मुझे किसी ने कहा कि ईरान देश के राजा के मंत्री की बेहद कुशाग्र बुद्धि है और यहां मुझे अवश्य मेरे प्रश्न का उत्तर मिल जाएगा।’’ मंत्री ने दोनों का बारीकी से निरीक्षण किया किन्तु वह भी यह नहीं पहचान पाया कि वास्तव में कौन मां है और कौन बेटी? दुविधा में फंसे मंत्री ने एक दिन की मोहलत मांगी। घर आने पर वह बेहद परेशान रहा। जब मंत्री की पत्नी ने उससे परेशानी का कारण पूछा तो उसने व्यापारी की बात बता दी। यह सुनकर पत्नी मुस्कुराते हुए बोली, ‘‘बस इतनी-सी बात है। यह तो मैं भी बता सकती हूं। हां, इसके लिए मुझे उन दोनों बकरियों को देखना होगा।’’ यह सुनकर मंत्री बकरियों को ले आया। मंत्री की पत्नी ने दोनों बकरियों के आगे अच्छा भोजन रखा। कुछ ही देर बाद उसने मां व बेटी में अंतर बता दिया। सुबह मंत्री ने मां व बेटी की पहचान क...
मित्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
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