गरीबों का सेब यानी अमरूद
जी हां आपने बिलकुल सही पहचाना !
इसे गरीबों का सेब यानी अमरूद कहा जाता है ..
यह मिर्टेसी फेमिली का है ,इसका वानस्पतिक नाम सिडीएम गुवाजावा है !
वैज्ञानिकों के मुताबिक इसका उत्पति स्थान अमेरिका के उष्ण कटिबंधीय इलाके एवं वेस्टइंडीज में हुआ माना जाता है ..
कहते हैं 17 वीं सदी में यह पुर्तगालियों द्वारा भारत लाया गया था ..
अमरूद में ..
5.2 ग्राम फाईबर पाया जाता है जो हमारे कोलेस्ट्रोल को कम करता है ..
जिससे हार्ट संबंधी बीमारियों का खतरा काफी कम हो जाता है ..
साथ ही अमरूद कॉंस्टिपेशन की समस्या का भी समाधान करता है।
अमरूद में एंटी-ऑक्सीडेंटस पाया जाता है। जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है।
साथ ही शरीर को कैंसर जैसे खतरनाक रोग से लड़ने में भी मदद मिलती है।
अमरूद में विटामिन-ए पाई जाती जो हमारी आंखों की रोशनी बढ़ाती है।
अमरूद में पाए जाने वाले विटामिन-सी की वजह से त्वचा मुलायम और स्वस्थ रहती है।
अमरूद विटामिन-बी का भी बेहतर सोर्स होता है।
इसमें नियासीन होता है जो शरीर में रक्त संचार को सही करता है।
अमरूद में फ्रडौक्सीन नामक तत्व होता है जो हमारे दिमाग और नसों को रिलैक्स करता है ..
टाईप-2 डाईबिटीज के रोगियों को दिन में दो बार अमरूद खाने की सलाह दी जाती है अमरूद में पाए जाने वाले फाईबर की वजह से यह शुगर को डाईजेस्ट करके इंसुलिन की मात्रा को बढ़ाता है !
अमरूद की पत्तियों के भी कई फायदे होतें जैसे अमरुद के पत्ते खाने से या इनकी चाय बनाकर पीने से खून में शुगर लेवल कम होता है।
यदि आप रोजाना एक अमरूद का पत्ता खाते हैं तो आपको कैंसर जैसी बीमारी होने का खतरा भी बहुत कम हो जाएगा।
क्योंकि इसमें लाइकोपीन नाम का एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होता है जो कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है।
अमरूद के पत्तों में पाए जाने वाले विटामिन-सी से हमारा इम्यून-सिस्टम भी काफी मजबूत होता है।
रोजाना एक पत्ता अमरूद का खाने से जुकाम-खांसी जैसी बिमारियों से बचा जा सकता है।
अमरूद के पत्तो में पाए जाने वाले एंटी बैक्टीरियल गुणों के कारण यह गले के इन्फेक्शन को ठीक करता है।
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