बच्चों को कहानियां बहुत अच्छी लगती हैं। वास्तव में कहानियां किसी भी फन एक्टिविटीज से ज्यादा मजेदार होती हैं। यह बच्चे के कॉग्निटिव विकास में बहुत मदद करती हैं। आज भी याद हैं वो बचपन के दिन जब नानी माँ और दादी माँ हमें रात को सोते समय परियों की कहानियां, पंचतंत्र की कहानियां और बच्चों की छोटी-बड़ी, हँसाने वाली कहानियां सुनाया करती थी। इन कहानियों की कल्पनाओं में हम एक प्यारी सी नींद में सो जाया करते थे। आप भी अपने बच्चे के साथ कुछ ऐसा कर सकती हैं, आप भी उसे प्यारी-प्यारी हास्य लघु कथाएं सुना सकती हैं ताकि आपके बच्चे की मीठी यादें बनें और वह आगे चलकर इन प्यारी सी यादों को याद करके खुश हो सके।
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